श्री विदुर ने कहा: हे श्रेष्ठ ऋषियों, मैंने शिष्य-परम्परा से सुना है कि आदि असुर हिरण्याक्ष उसी यज्ञ रूप भगवान (वराह) द्वारा मारा गया था।
Sri Vidur said: O great sage, I have heard from the tradition of disciples that the first demon Hiranyaksha was killed by the same Lord (Varaha) in the form of a sacrifice.
तात्पर्य
जैसा कि पहले उल्लेख किया गया है, शूकर अवतार दो सहस्राब्दियों में प्रकट हुआ, अर्थात् स्वायंभुव और चाक्षुष। दोनों सहस्राब्दियों में भगवान का एक शूकर अवतार था, लेकिन स्वायंभुव सहस्राब्दी में उन्होंने पृथ्वी को ब्रह्मांड के पानी से उठाया, जबकि चाक्षुष सहस्राब्दी में उन्होंने पहले दानव हिरण्याक्ष को मार डाला। स्वायंभुव सहस्राब्दी में उन्होंने सफेद रंग धारण किया, और चाक्षुष सहस्राब्दी में उन्होंने लाल रंग धारण किया। विदुर ने पहले से ही उनमें से एक के बारे में सुना था, और उन्होंने दूसरे के बारे में सुनने का प्रस्ताव रखा। वर्णित दो अलग-अलग शूकर अवतार एक ही सर्वोच्च भगवान हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥