हे आदरणीया, पत्नी इतनी मददगार होती है कि उसे मनुष्य के शरीर की अर्धांगिनी कहा जाता है, क्योंकि वह सभी शुभ कार्यों में साथ देती है। पुरुष अपनी पत्नी को सारी ज़िम्मेदारियाँ सौंपकर निश्चिंत होकर घूम सकता है।
हे आदरणीया, पत्नी इतनी मददगार होती है कि उसे मनुष्य के शरीर की अर्धांगिनी कहा जाता है, क्योंकि वह सभी शुभ कार्यों में साथ देती है। पुरुष अपनी पत्नी को सारी ज़िम्मेदारियाँ सौंपकर निश्चिंत होकर घूम सकता है।