अथ मे कुरु कल्याणं कामं कमललोचन ।
आर्तोपसर्पणं भूमन्नमोघं हि महीयसि ॥ १५ ॥
अनुवाद
हे कमल नेत्रों वाले, कृपा करके मेरी इच्छा पूरी करके मुझे आशीर्वाद दें। जब कोई दुःखी या परेशान व्यक्ति किसी महान व्यक्ति के पास जाता है, तो उसकी प्रार्थना कभी भी व्यर्थ नहीं जानी चाहिए।
O Kamallochan, please bless me by fulfilling my wish. When someone reaches a great person in distress, his plea should never go in vain.
तात्पर्य
दिशि अच्छी तरह से जानती थी कि समय की स्थिति को देखते हुए उसके अनुरोध को नकारा जा सकता है, परन्तु उसने निवेदन किया कि आपातकालीन या संकटपूर्ण अवस्था में समय और स्थिति का कोई मूल्यांकन नहीं होता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥