यहाँ विस्वम् समस्तम बहुत महत्वपूर्ण है। भौतिक जगत और आध्यात्मिक जगत है। ऋषि प्रार्थना करते हैं: "दोनों दुनिया आपकी विभिन्न ऊर्जाओं से विचलित हैं। जो आध्यात्मिक दुनिया में हैं वे आपकी प्रेमपूर्ण सेवा में लीन हैं, खुद को और आपको भी भूल जाते हैं, और भौतिक दुनिया में लोग भौतिक संतुष्टि में लीन हैं और इसलिए आपको भी भूल जाते हैं। आपको कोई नहीं जान सकता क्योंकि आप असीमित हैं। अनावश्यक मानसिक अटकलों के द्वारा आपको जानने की कोशिश न करना ही सबसे अच्छा है। इसके बजाय, कृपया हमें आशीर्वाद दें ताकि हम निःस्वार्थ भक्ति सेवा के साथ आपकी पूजा कर सकें। ”
