हे परमेश्वर, हम जानते हैं कि हम जन, तप और सत्य लोकों के निवासी हैं, जो बहुत ही पवित्र स्थान हैं। फिर भी, जब आप अपना शरीर हिलाते हैं, तो आपके कंधों पर लटके बालों से जल की बूँदें छिड़कती हैं और हमें शुद्ध करती हैं।
O Supreme Lord, undoubtedly we are residents of the most sacred regions, such as the Jana, Tapa and Satya regions, yet we have been purified by the drops of water sprinkled by Your hair hanging down to Your shoulders as a result of the movement of Your body.
तात्पर्य
साधारणतया सूअर का शरीर अपवित्र माना जाता है, परन्तु यह नहीं सोचना चाहिए कि भगवान द्वारा ग्रहण किया हुआ सूअर का अवतार भी अपवित्र है। भगवान का वह रूप वेदों का मूर्तिमान रूप है और पारलौकिक है। जन, तप और सत्य लोक के निवासी भौतिक जगत के सबसे पवित्र व्यक्ति हैं, लेकिन चूँकि वे ग्रह भौतिक जगत में स्थित हैं, वहाँ भी बहुत सी भौतिक अशुद्धियाँ हैं। इसलिए, जब भगवान के कंधों के बालों के सिरों से जल की बूँदें उच्चतर ग्रहों के निवासियों के शरीर पर गिरीं, तो उन्होंने अपने आपको पवित्र महसूस किया। गंगा का जल पवित्र है क्योंकि यह भगवान के पैर के अंगूठे से निकलता है, और पैर के अंगूठे से निकलने वाले जल और वराह भगवान के कंधे के बालों के सिरों से निकलने वाले जल में कोई अंतर नहीं है। वे दोनों पूर्ण और पारलौकिक हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥