Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.13.32: तत्पश्चात् भगवान् वराह ने पानी के भीतर उस असुर का वध कर दिया, जिस प्रकार शेर हाथी का वध कर देते हैं। भगवान् के गाल और जीभ उस असुर के खून से इस प्रकार रंग गए जैसे हाथी नील-लाल मिट्टी को खोदने से लाल हो जाता है। | bhagavat अध्याय 3.13: वराह भगवान् का प्राकट्य । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत्पश्चात् भगवान् वराह ने पानी के भीतर उस असुर का वध कर दिया, जिस प्रकार शेर हाथी का वध कर देते हैं। भगवान् के गाल और जीभ उस असुर के खून से इस प्रकार रंग गए जैसे हाथी नील-लाल मिट्टी को खोदने से लाल हो जाता है।
Thereafter, Lord Varaha killed the demon underwater just as a lion kills an elephant. The Lord's cheeks and tongue were stained with the demon's blood just as an elephant becomes red when it digs the blue-red earth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥