स त्वमस्यामपत्यानि सदृशान्यात्मनो गुणै: ।
उत्पाद्य शास धर्मेण गां यज्ञै: पुरुषं यज ॥ ११ ॥
अनुवाद
हे राजन्, यदि तुम भौतिक जगत में प्राणियों को उचित संरक्षण प्रदान कर सको, तो मेरे प्रति वही सर्वोत्तम सेवा होगी। जब सर्वोच्च ईश्वर तुम्हें बंधे हुए जीवों का अच्छा रक्षक के रूप में देखेंगे, तो निश्चित रूप से इंद्रियों के स्वामी तुम पर बहुत प्रसन्न होंगे।
O King, if you can provide proper protection to living entities in the material world, that will be the best service to me. The Lord of the senses will certainly be very pleased with you when He sees you as the best protector of conditioned souls.
तात्पर्य
सम्पूर्ण प्रशासनिक प्रणाली का आयोजन घर वापस, परमेश्वर के पास वापस जाने के उद्देश्य के लिए किया गया है। ब्रह्मा परम भगवान के प्रतिनिधि हैं, और मनु ब्रह्मा के प्रतिनिधि हैं। इसी तरह, ब्रह्मांड के विभिन्न ग्रहों पर अन्य सभी राजा मनु के प्रतिनिधि हैं। पूरे मानव समाज के लिए विधि-पुस्तक मनु-संहिता है, जो सभी गतिविधियों को भगवान की दिव्य सेवा की ओर निर्देशित करती है। इसलिए, प्रत्येक राजा को यह जानना चाहिए कि प्रशासन में उसकी जिम्मेदारी केवल नागरिकों से कर वसूलना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उसके अधीन नागरिक विष्णु पूजा में प्रशिक्षित हो रहे हैं। हर किसी को विष्णु पूजा में शिक्षित किया जाना चाहिए और इंद्रियों के स्वामी, हृषीकेश की भक्ति सेवा में लगाया जाना चाहिए। सशर्त आत्माओं का उद्देश्य अपनी भौतिक इंद्रियों को संतुष्ट करना नहीं है, बल्कि परमेश्वर भगवान, हृषीकेश की इंद्रियों को संतुष्ट करना है। यही सम्पूर्ण प्रशासनिक प्रणाली का उद्देश्य है। जो व्यक्ति इस रहस्य को जानता है, जैसा कि ब्रह्मा के संस्करण में यहाँ बताया गया है, वह एक आदर्श प्रशासनिक प्रमुख है। जो कोई इसे नहीं जानता वह एक दिखावटी बोतल वाला प्रशासक है। नागरिकों को भगवान की भक्ति सेवा में प्रशिक्षित करके, एक राज्य का मुखिया अपनी जिम्मेदारी से मुक्त हो सकता है; अन्यथा वह उसे सौंपी गई कठिन ड्यूटी में असफल हो जाएगा और इस प्रकार सर्वोच्च अधिकारी द्वारा दंडनीय होगा। प्रशासनिक कर्तव्य के निर्वहन में कोई अन्य विकल्प नहीं है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥