| श्रीमद् भागवतम » स्कन्ध 3: यथास्थिति » अध्याय 12: कुमारों तथा अन्यों की सृष्टि » श्लोक 9 |
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| | | | श्लोक 3.12.9  | इति तस्य वच: पाद्मो भगवान् परिपालयन् ।
अभ्यधाद्भद्रया वाचा मा रोदीस्तत्करोमि ते ॥ ९ ॥ | | | | | | अनुवाद | | कमल के फूल से उत्पन्न हुए सर्वसमर्थ ब्रह्मा ने उसकी प्रार्थना स्वीकार कर, कोमल वाणी से बालक को शांत करते हुए कहा - मत रो, मैं जैसा तू चाहेगा वैसा ही करूंगा। | | | | कमल के फूल से उत्पन्न हुए सर्वसमर्थ ब्रह्मा ने उसकी प्रार्थना स्वीकार कर, कोमल वाणी से बालक को शांत करते हुए कहा - मत रो, मैं जैसा तू चाहेगा वैसा ही करूंगा। | | ✨ ai-generated | | |
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