मारिची आदि सभी ब्रह्मा के पुत्रों ने अपने पिता को अनैतिकता के कार्य में इस प्रकार मुग्ध पाकर बड़े आदरपूर्वक इस प्रकार कहा।
Finding their father thus engaged in immoral activities, all the sons of Brahma, including Marichi, said this with great respect.
तात्पर्य
मारीचि जैसे ऋषि अपने महापिता के कार्यो पर विरोध दर्ज कराने में गलत नहीं थे। वे भली-भाँति जानते थे कि भले ही उनके पिता ने गलती की, लेकिन उस खेल के पीछे अवश्य कोई महान उद्देश्य रहा होगा; अन्यथा इतने महान व्यक्तित्व से इतनी बड़ी गलती हो ही नहीं सकती। संभव है कि ब्रह्मा अपने अधीनस्थों को महिलाओं के साथ व्यवहार करने में मानवीय कमज़ोरियों के बारे में चेताना चाहते हों। आत्म साक्षात्कार के पथ पर चलने वाले व्यक्तियों के लिए यह हमेशा बहुत खतरनाक होता है। इसलिए ब्रह्मा जैसे महान व्यक्तित्व को गलती होने पर भी उपेक्षित नहीं किया जाना चाहिए। न ही मारीचि के नेतृत्व में महान ऋषि उनके असाधारण व्यवहार के कारण कोई अनादर दिखा सकते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥