हालाँकि, इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए। मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, और महिला के साथ उसका बिना किसी प्रतिबंध के मिलना-जुलना पतन की ओर ले जाता है। पुरुष और महिला की ऐसी सामाजिक स्वतंत्रता, विशेष रूप से युवा वर्ग में, निश्चित रूप से आध्यात्मिक प्रगति के मार्ग पर एक बड़ी बाधा है। भौतिक बंधन केवल कामुक बंधन के कारण होता है, और इसलिए पुरुष और महिला का अप्रतिबंधित संपर्क निश्चित रूप से एक बड़ी बाधा है। मैत्रेय ने यह उदाहरण ब्रह्मा की ओर से केवल हमारे सामने इस महान खतरे को लाने के लिए उद्धृत किया।
