Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.12.21: पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् द्वारा शक्ति दिए जाने के पश्चात, ब्रह्मा ने सजीव प्राणियों को उत्पन्न करने का विचार किया और अगली पीढ़ियों की वृद्धि के लिए उन्होंने दस पुत्रों को जन्म दिया। | bhagavat अध्याय 3.12: कुमारों तथा अन्यों की सृष्टि । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अथाभिध्यायत: सर्गं दश पुत्रा: प्रजज्ञिरे ।
भगवच्छक्तियुक्तस्य लोकसन्तानहेतव: ॥ २१ ॥
अनुवाद
पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान् द्वारा शक्ति दिए जाने के पश्चात, ब्रह्मा ने सजीव प्राणियों को उत्पन्न करने का विचार किया और अगली पीढ़ियों की वृद्धि के लिए उन्होंने दस पुत्रों को जन्म दिया।
Being given power by the Supreme Personality of Godhead, Brahma thought of creating living beings, and to expand the progeny, he created ten sons.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥