Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.12.17: ब्रह्मा ने रूद्र से कहा: हे श्रेष्ठ देवता, तुम्हें इस प्रकृति के जीवों को उत्पन्न करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपनी आँखों की आग की लपटों से हर तरफ की हर चीज़ को तबाह करना शुरू कर दिया है और मुझ पर भी हमला किया है। | bhagavat अध्याय 3.12: कुमारों तथा अन्यों की सृष्टि । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मा ने रूद्र से कहा: हे श्रेष्ठ देवता, तुम्हें इस प्रकृति के जीवों को उत्पन्न करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अपनी आँखों की आग की लपटों से हर तरफ की हर चीज़ को तबाह करना शुरू कर दिया है और मुझ पर भी हमला किया है।
Brahma said to Rudra: O best of the demigods, you need not create such beings. They have started destroying everything in all directions with the blazing flames of their eyes and have even attacked me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥