Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.12.1: श्री मैत्रेय ने कहा: हे विद्वान विदुर, अब तक मैंने तुम्हें भगवान का काल रूप की महिमा के बारे में बताया है। अब आप मुझसे सभी वैदिक ज्ञान के स्रोत, ब्रह्मा की सृष्टि के बारे में सुन सकते हैं। | bhagavat अध्याय 3.12: कुमारों तथा अन्यों की सृष्टि । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मैत्रेय उवाच
इति ते वर्णित: क्षत्त: कालाख्य: परमात्मन: ।
महिमा वेदगर्भोऽथ यथास्राक्षीन्निबोध मे ॥ १ ॥
अनुवाद
श्री मैत्रेय ने कहा: हे विद्वान विदुर, अब तक मैंने तुम्हें भगवान का काल रूप की महिमा के बारे में बताया है। अब आप मुझसे सभी वैदिक ज्ञान के स्रोत, ब्रह्मा की सृष्टि के बारे में सुन सकते हैं।
Sri Maitreya said: O learned Vidura, so far I have explained to you the glories of the Kala form of the Supreme Personality of Godhead. Now you can hear from me about the creation of Brahma, the repository of all Vedic knowledge.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥