त्रसरेणुत्रिकं भुङ्क्ते य: काल: स त्रुटि: स्मृत: ।
शतभागस्तु वेध: स्यात्तैस्त्रिभिस्तु लव: स्मृत: ॥ ६ ॥
अनुवाद
त्रासरेणुओं को मिलाकर एक इकाई बनाने का समय त्रुटि कहलाता है और सौ त्रुटि एक वेध के बराबर होती है। तीन वेध मिलकर एक लव बनाते हैं।
The time taken for the assembly of three trisrenu is called a truti and one hundred trutis make one vedha. Three vedhas together form a lava.
तात्पर्य
इसकी गणना की जाती है कि यदि एक सेकंड को 1, 687.5 भागों में विभाजित किया जाए, तो प्रत्येक भाग एक "त्रुटी" की अवधि होती है, जो अठारह परमाणु कणों के एकीकरण में लगने वाला समय होता है। विभिन्न पिंडों में परमाणुओं का ऐसा संयोजन भौतिक समय की गणना बनाता है। सभी विभिन्न अवधियों की गणना के लिए सूर्य केंद्रीय बिंदु है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥