अणुर्द्वौ परमाणु स्यात्त्रसरेणुस्त्रय: स्मृत: ।
जालार्करश्म्यवगत: खमेवानुपतन्नगात् ॥ ५ ॥
अनुवाद
स्थूल काल की गणना इस प्रकार की जाती है: दो परमाणुओं का मिलन एक द्विगुणित परमाणु बनाता है, और तीन द्विगुणित परमाणुओं का मिलन एक षट्परमाणु बनाता है। यह षट्परमाणु उस सूर्य के प्रकाश में दिखाई देता है जो खिड़की के परदे के छेदों से प्रवेश करता है। यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि षट्परमाणु आकाश की ओर ऊपर उठता है।
Gross time is calculated in this way: two atoms combine to form a double atom (molecule) and three double atoms (molecules) form a hexatom. This hexatom is visible in the sunlight that enters through the holes in the window screen. It can be easily seen that the hexatom goes up towards the sky.
तात्पर्य
परमाणु को एक अदृश्य कण के रूप में वर्णित किया गया है, लेकिन जब ऐसे छह परमाणु एक साथ जुड़ते हैं, तो उन्हें तस्सरणु कहा जाता है, और यह खिड़की की स्क्रीन के छेदों से आने वाली धूप में दिखाई देता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥