ब्रह्मा की रात्रि के समाप्त होने के बाद, ब्रह्मा के दिन के दौरान तीनों लोकों का फिर से निर्माण शुरू हो जाता है और उनका अस्तित्व लगातार चौदह मनुओं या मानवता के पिताओं के जीवनकाल तक बना रहता है।
At the end of Brahma's night, the three worlds are recreated during Brahma's day and they continue to exist one after the other for the lifetime of the fourteen Manus.
तात्पर्य
प्रत्येक मनु के अंत में कुछ क्षणिक विसर्जन भी होते हैं|
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥