तत्पश्चात् उन्होंने देखा कि जिस कमल पर वे विराजमान थे, वह ब्रह्मांड में व्याप्त था, और उन्होंने विचार किया कि सभी ग्रहों को कैसे बनाया जाए, जो पहले उसी कमल में विलीन थे।
Thereafter, he saw that the lotus on which he was seated was spread across the entire universe, and he contemplated how to recreate all the worlds which were previously absorbed in that same lotus.
तात्पर्य
ब्रह्मा जिस कमल पर विराजमान हैं, उसमें ब्रह्मांड के सभी ग्रहों के बीज गर्भित थे। सभी ग्रहों को पहले ही भगवान द्वारा उत्पन्न किया गया था, और सभी जीवों का जन्म भी ब्रह्मा में ही हुआ था। भौतिक जगत और जीव सभी पहले ही बीज रूप में सर्वोच्च व्यक्तित्व भगवान द्वारा उत्पन्न किए गए थे, और ब्रह्मा को पूरे ब्रह्मांड में उन्हीं बीजों को प्रसारित करना था। इसलिए वास्तविक सृजन को सर्गा कहा जाता है, और बाद में, ब्रह्मा द्वारा प्रकट करने को विसर्गा कहा जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥