Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 3.10.19: सातवीं सृष्टि में अचर प्राणियों की उत्पत्ति हुई, जो छह प्रकार के हैं: बिना फूल वाले फल वाले वृक्ष, फल पकने तक जीवित रहने वाले पेड़-पौधे, बेलें, पाइप वाले पौधे, बिना सहारे वाली बेलें और फूल और फल वाले वृक्ष। | bhagavat अध्याय 3.10: सृष्टि के विभाग । bhagavat स्कन्ध 3: यथास्थिति । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सप्तमो मुख्यसर्गस्तु षङ्विधस्तस्थुषां च य: ।
वनस्पत्योषधिलतात्वक्सारा वीरुधो द्रुमा: ॥ १९ ॥
अनुवाद
सातवीं सृष्टि में अचर प्राणियों की उत्पत्ति हुई, जो छह प्रकार के हैं: बिना फूल वाले फल वाले वृक्ष, फल पकने तक जीवित रहने वाले पेड़-पौधे, बेलें, पाइप वाले पौधे, बिना सहारे वाली बेलें और फूल और फल वाले वृक्ष।
The seventh creation is that of immovable beings, which are of six kinds: trees with no flowers, trees that live until their fruit ripens, creepers, tube-like plants; creepers without support and trees with fruits.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥