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श्लोक 2.10.51  |
सूत उवाच
राज्ञा परीक्षिता पृष्टो यदवोचन्महामुनि: ।
तद्वोऽभिधास्ये शृणुत राज्ञ: प्रश्नानुसारत: ॥ ५१ ॥ |
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| अनुवाद |
| श्री सूत गोस्वामी ने बताया - अब मैं तुम्हें वे सारे विषय बताऊँगा जिन्हें राजा परीक्षित ने पूछा था और महा-मुनि ने उनसे कहा था। कृपया आप ध्यानपूर्वक सुनें। |
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| श्री सूत गोस्वामी ने बताया - अब मैं तुम्हें वे सारे विषय बताऊँगा जिन्हें राजा परीक्षित ने पूछा था और महा-मुनि ने उनसे कहा था। कृपया आप ध्यानपूर्वक सुनें। |
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| इस प्रकार श्रीमद् भागवतम के स्कन्ध दो के अंतर्गत दसवाँ अध्याय समाप्त होता है । |
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