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bhagavat 2.10.14: मुझसे सुनो कि प्रभु अपनी एक शक्ति को किस प्रकार अधिदैव, अध्यात्म और अधिभूत नामक तीन भागों में बांटते हैं, जिसका वर्णन ऊपर किया गया है।   |   bhagavat अध्याय 2.10: भागवत सभी प्रश्नों का उत्तर है   ।   bhagavat स्कन्ध 2: ब्रह्माण्ड की अभिव्यक्ति   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 2: ब्रह्माण्ड की अभिव्यक्ति  »  अध्याय 10: भागवत सभी प्रश्नों का उत्तर है  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  2.10.14 
अधिदैवमथाध्यात्ममधिभूतमिति प्रभु: ।
अथैकं पौरुषं वीर्यं त्रिधाभिद्यत तच्छृणु ॥ १४ ॥
 
 
अनुवाद
मुझसे सुनो कि प्रभु अपनी एक शक्ति को किस प्रकार अधिदैव, अध्यात्म और अधिभूत नामक तीन भागों में बांटते हैं, जिसका वर्णन ऊपर किया गया है।
 
Listen to me how the Lord divides His one power into three parts, named Adhidaiva, Adhyatma and Adhibhuta, which has been mentioned above.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)