इसलिए मैं आपके चरणकमलों की पूजा करता हूँ, भौतिक शरीर के साथ अपनी पहचान त्यागकर और उन सभी चीजों को छोड़कर जो मेरी असली आत्मा को ढँकती हैं। ये व्यर्थ, निराधार और अस्थायी आवरण, जिन्हें आप से अलग माना जाता है, जिनकी बुद्धि पूरे सत्य को समाहित करती है। आपके माध्यम से, परमेश्वर और आत्मा के स्वामी, एक व्यक्ति हर वांछित वस्तु को प्राप्त कर सकता है।
Therefore I worship Your feet, renouncing my identification with the material body and with all those things which conceal my real self. These vain, unreal and transient coverings are only imagined as separate from You, whose wisdom is the source of all truth. By attaining You, as the Supreme Lord and the Master of the soul, man obtains everything desired.
तात्पर्य
जो मनुष्य स्वयं को भौतिक शरीर या मन के रूप में गलत तरीके से पहचानता है, वो व्यक्ति स्वतः ही भौतिक संसार का लाभ उठाने का अधिकारी महसूस करता है। लेकिन जब हम अपने शाश्वत आध्यात्मिक स्वरूप और भगवान कृष्ण के सभी पर सर्वोच्च स्वामित्व को महसूस करते हैं, तो हम आध्यात्मिक ज्ञान की शक्ति से अपने झूठे आनंद की प्रवृत्ति का त्याग कर देते हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥