Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.8.38: उन्होंने उन दोनों को आसन प्रदान किए, उनके चरण धोए और फिर उन्हें अर्घ्य, चंदन का लेप, सुगंधित तेल, धूप और फूलों की मालाएँ भेंट करके पूजा की। | bhagavat अध्याय 12.8: मार्कण्डेय द्वारा नर-नारायण ऋषि की स्तुति । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तयोरासनमादाय पादयोरवनिज्य च ।
अर्हणेनानुलेपेन धूपमाल्यैरपूजयत् ॥ ३८ ॥
अनुवाद
उन्होंने उन दोनों को आसन प्रदान किए, उनके चरण धोए और फिर उन्हें अर्घ्य, चंदन का लेप, सुगंधित तेल, धूप और फूलों की मालाएँ भेंट करके पूजा की।
He offered seats to both of them, washed their feet and then worshipped them by offering arghya, sandalwood paste, fragrant oil, incense and garlands of flowers.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥