श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 7: पौराणिक साहित्य  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  12.7.8 
पुराणलक्षणं ब्रह्मन् ब्रह्मर्षिभिर्निरूपितम् ।
श‍ृणुष्व बुद्धिमाश्रित्य वेदशास्त्रानुसारत: ॥ ८ ॥
 
 
अनुवाद
हे शौनक, वैदिक साहित्य के अनुसार, अत्यंत प्रसिद्ध विद्वान ब्राह्मणों द्वारा परिभाषित पुराण के लक्षणों को ध्यान से सुनो।
 
O Shaunaka, listen carefully to the characteristics of the Puranas as defined by the most renowned learned Brahmins according to the Vedic literature.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)