Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.7.16: वंश राजाओं की ऐसी श्रृंखला है जो भगवान ब्रह्मा से शुरू होकर भूतकाल, वर्तमान और भविष्य तक लगातार चलती रहती है। ऐसे वंशों का विवरण, विशेषकर उनके सबसे प्रमुख सदस्यों का, वंश इतिहास का एक प्रमुख विषय है। | bhagavat अध्याय 12.7: पौराणिक साहित्य । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राज्ञां ब्रह्मप्रसूतानां वंश त्रैकालिकोऽन्वय: ।
वंशानुचरितं तेषां वृत्तं वंशधराश्च ये ॥ १६ ॥
अनुवाद
वंश राजाओं की ऐसी श्रृंखला है जो भगवान ब्रह्मा से शुरू होकर भूतकाल, वर्तमान और भविष्य तक लगातार चलती रहती है। ऐसे वंशों का विवरण, विशेषकर उनके सबसे प्रमुख सदस्यों का, वंश इतिहास का एक प्रमुख विषय है।
Lines of kings extending continuously from Brahma to the past, present and future are called dynasty. Details of such dynasty, especially of the most prominent persons, are the main subject of dynasty history.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥