अज्ञानं च निरस्तं मे ज्ञानविज्ञाननिष्ठया ।
भवता दर्शितं क्षेमं परं भगवत: पदम् ॥ ७ ॥
अनुवाद
आपने मुझे भगवान के परम मंगलमय साकार रूप का साक्षात्कार कराया है। अब मेरा ज्ञान और आत्म-साक्षात्कार दृढ़ हो गया है, और मेरा अज्ञान मिट गया है।
You have made me realize the most auspicious physical form of God. Now I am stable in knowledge and self-realization and my ignorance has been dispelled.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥