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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग
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अध्याय 6: महाराज परीक्षित का निधन
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श्लोक 59
श्लोक
12.6.59
बाष्कलि: प्रतिशाखाभ्यो वालखिल्याख्यसंहिताम् ।
चक्रे वालायनिर्भज्य: काशारश्चैव तां दधु: ॥ ५९ ॥
अनुवाद
बाष्कलि ने ऋग्वेद की सभी शाखाओं से वालखिल्य संहिता को एकत्रित किया। इस संहिता को वालायनि, भज्य और काशार ने प्राप्त किया।
Bashkali prepared Valkhilya Samhita from all the branches of Rigveda. This Samhita was received by Valayani, Bhajya and Kashar.
तात्पर्य
श्रील श्रीधर स्वामी के अनुसार वलायनि, भज्य और कासार दैत्य समुदाय के अंतर्गत आते थे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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