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श्रीमद् भागवतम
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स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग
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अध्याय 6: महाराज परीक्षित का निधन
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श्लोक 4
श्लोक
12.6.4
पुराणसंहितामेतामश्रौष्म भवतो वयम् ।
यस्यां खलूत्तम:श्लोको भगवाननुवर्ण्यते ॥ ४ ॥
अनुवाद
मैंने आपसे यह श्रीमद्भागवत सुना है, जो सभी पुराणों का संपूर्ण सार है और भगवान उत्तमश्लोक का सटीक वर्णन करता है।
I have heard from you this Srimad Bhagavatam, which is the complete essence of all the Puranas and which properly describes the Lord Uttamasloka.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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