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bhagavat 12.4.11: एक सौ सालों से भी ज़्यादा समय तक विनाशकारी आँधी चलेगी, और धूल भरे आकाश का रंग ग्रे हो जाएगा।   |   bhagavat अध्याय 12.4: ब्रह्माण्ड के प्रलय की चार कोटियाँ   ।   bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 4: ब्रह्माण्ड के प्रलय की चार कोटियाँ  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  12.4.11 
तत: प्रचण्डपवनो वर्षाणामधिकं शतम् ।
पर: सांवर्तको वाति धूम्रं खं रजसावृतम् ॥ ११ ॥
 
 
अनुवाद
एक सौ सालों से भी ज़्यादा समय तक विनाशकारी आँधी चलेगी, और धूल भरे आकाश का रंग ग्रे हो जाएगा।
 
A great and terrible destructive wind will blow for more than a hundred years and the sky will turn grey, covered with dust.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)