Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.4.1: श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे राजा, परमाणुओं की गति से मापे जाने वाले सबसे छोटे अंश से लेकर भगवान ब्रह्मा के कुल जीवन काल तक, मैंने पहले ही आपको समय के माप के बारे में बताया है। ब्रह्मांड के इतिहास के विभिन्न सहस्त्र वर्षों के मापन पर भी मैंने चर्चा की है। अब भगवान ब्रह्मा के दिन की अवधि और प्रलय की प्रक्रिया के बारे में सुनिए। | bhagavat अध्याय 12.4: ब्रह्माण्ड के प्रलय की चार कोटियाँ । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीशुक उवाच
कालस्ते परमाण्वादिर्द्विपरार्धावधिर्नृप ।
कथितो युगमानं च शृणु कल्पलयावपि ॥ १ ॥
अनुवाद
श्री शुकदेव गोस्वामी ने कहा: हे राजा, परमाणुओं की गति से मापे जाने वाले सबसे छोटे अंश से लेकर भगवान ब्रह्मा के कुल जीवन काल तक, मैंने पहले ही आपको समय के माप के बारे में बताया है। ब्रह्मांड के इतिहास के विभिन्न सहस्त्र वर्षों के मापन पर भी मैंने चर्चा की है। अब भगवान ब्रह्मा के दिन की अवधि और प्रलय की प्रक्रिया के बारे में सुनिए।
Sukadeva Goswami said: O king, I have already told you the measurement of time from the smallest fraction measured by the speed of an atom to the total age of Brahma. I have also told you the measurement of the different ages of the history of the universe. Now listen about the day of Brahma and the process of dissolution.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥