तथ्य यह है कि सर्वोच्च प्रभु सभी भूमि के स्वामी हैं। बेशक, ईश्वर-भयभीत भूमि में भी राजनीतिक सीमाएँ मौजूद हैं। लेकिन ऐसे ईश्वर-भयभीत वातावरण में राजनीतिक तनाव बहुत कम हो जाते हैं, और सभी देशों के लोग एक-दूसरे का स्वागत करते हैं और शांति से जीने के एक-दूसरे के अधिकार का सम्मान करते हैं।
