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bhagavat 12.3.7: मेरे लिए जीतने के उद्देश्य से, भौतिकतावादी लोग एक-दूसरे से लड़ते हैं। पिता अपने पुत्र का विरोध करते हैं और भाई एक-दूसरे से लड़ते हैं, क्योंकि उनके हृदय राजनीतिक शक्ति की इच्छा से बंधे रहते हैं।   |   bhagavat अध्याय 12.3: भूमि गीत   ।   bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 3: भूमि गीत  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  12.3.7 
मत्कृते पितृपुत्राणां भ्रातृणां चापि विग्रह: ।
जायते ह्यसतां राज्ये ममताबद्धचेतसाम् ॥ ७ ॥
 
 
अनुवाद
मेरे लिए जीतने के उद्देश्य से, भौतिकतावादी लोग एक-दूसरे से लड़ते हैं। पिता अपने पुत्र का विरोध करते हैं और भाई एक-दूसरे से लड़ते हैं, क्योंकि उनके हृदय राजनीतिक शक्ति की इच्छा से बंधे रहते हैं।
 
“Materialistic people fight among themselves for the purpose of conquering me. A father opposes his son and brothers quarrel with each other because their hearts are tied to the pursuit of political power.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)