इसलिए हे राजा, अपनी पूरी शक्ति लगाकर परम भगवान केशव को अपने हृदय में स्थापित करने का प्रयास करो। इस एकाग्रता को ईश्वर पर बनाए रखो और अपनी मृत्यु के समय तुम निश्चित रूप से परम धाम को प्राप्त करोगे।
Therefore, O King, try to fix the Supreme Lord Keshava in your heart to the best of your ability. Keep this concentration on the Lord and at the time of your death you will certainly attain the ultimate destination.
तात्पर्य
यद्यपि परमेश्वर प्रत्येक जीव के हृदय में सदा विराजमान रहता है, किन्तु ऋद्धि-स्थं कुरु केशवं वाक्य इस बात की ओर संकेत करता है कि प्रत्येक मनुष्य को परमेश्वर की उपस्थिति को हृदय में अनुभव करने का प्रयास करना चाहिए और प्रत्येक क्षण इस चेतना में स्थित रहना चाहिए। परीक्षित महाराज इस जगत् को त्यागने को तत्पर हैं और अपने आध्यात्मिक गुरु, शुकदेव गोस्वामी से अन्तिम निर्देश ग्रहण कर रहे हैं। राजा के निकटवर्ती प्रस्थान के संदर्भ में इस श्लोक का विशिष्ट महत्त्व है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥