Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.3.1: शुकदेव गोस्वामी ने कहा: पृथ्वी पर विजय प्राप्त करने के प्रयासों में लगे इस धरती के राजाओं को देखकर पृथ्वी हँसी। उसने कहा: "देखो, मृत्यु के हाथों में खिलौनों की तरह मौजूद ये राजा मुझ पर विजय पाने की इच्छा कर रहे हैं!" | bhagavat अध्याय 12.3: भूमि गीत । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्री शुक उवाच
दृष्ट्वात्मनि जये व्यग्रान् नृपान् हसति भूरियम् ।
अहो मा विजिगीषन्ति मृत्यो: क्रीडनका नृपा: ॥ १ ॥
अनुवाद
शुकदेव गोस्वामी ने कहा: पृथ्वी पर विजय प्राप्त करने के प्रयासों में लगे इस धरती के राजाओं को देखकर पृथ्वी हँसी। उसने कहा: "देखो, मृत्यु के हाथों में खिलौनों की तरह मौजूद ये राजा मुझ पर विजय पाने की इच्छा कर रहे हैं!"
Sukadeva Goswami said: Seeing the kings of this world busy trying to conquer her, the earth began to laugh. She said: “Just look at these kings who are like toys in the hands of death, wishing to conquer me!”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥