श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 2: कलियुग के लक्षण  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  12.2.33 
यस्मिन् कृष्णो दिवं यातस्तस्मिन्नेव तदाहनि ।
प्रतिपन्नं कलियुगमिति प्राहु: पुराविद: ॥ ३३ ॥
 
 
अनुवाद
जो लोग भूतकाल को गंभीरतापूर्वक समझते हैं, वे कहते हैं कि जिस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने श्रीधाम को प्रस्थान किया, उसी दिन से कलिकाल अपना प्रभाव दिखाने लगा था।
 
Those who understand the past well say that the influence of Kaliyuga started from the day Lord Krishna departed for Vaikuntha Loka.
तात्पर्य
हालाँकि तकनीकी तौर पर कली-युग भगवान कृष्ण के पृथ्वी पर मौजूदगी के समय ही शुरू होने वाला था, पर इस निम्न युग को प्रभु के चले जाने तक विनम्रता से इंतज़ार करना पड़ा।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)