अब कृपया सभी पुराणों के श्लोक संख्या का संक्षेप में विवरण सुनिए। तब इस भागवत पुराण के मूल विषय तथा उद्देश्य, इसे भेंट में देने की समुचित पद्धति, इस तरह की भेंट देने का महत्त्व और अंततः इस ग्रंथ के श्रवण तथा गायन का महत्त्व सुनिए।
Now listen to the verse numbers of all the Puranas from me. Then listen to the main theme and purpose of this Bhagavata Purana, the correct method of gifting it, the significance of such gifting and finally the significance of listening and chanting this Granth.
तात्पर्य
श्रीमद-भागवतम श्रेष्ठतम पुराण है। श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर व्याख्या करते हैं कि अन्य पुराणों का उल्लेख अब उसी तरह किया जायेगा जैसे किसी राजा के महिमामंडन के संदर्भ में उसके सहायकों का उल्लेख किया जाता है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)