अन्य सभी पुराण तभी तक संत भक्तों की सभा में चमकते हैं जब तक कि श्रीमद्भागवत, जो अमृत का महासागर है, को नहीं सुना जाता।
All other Puranas shine in the assembly of saintly devotees until the Srimad Bhagavatam, that ocean of nectar, is heard.
तात्पर्य
जब तक श्रीमद्-भागवतम को समुचित रूप से नहीं सुना और समझा जाता, तब तक अन्य वैदिक साहित्य और विश्व के अन्य शास्त्र प्रमुख बने रहते हैं। श्रीमद्भागवत अमृत का सागर और सर्वोच्च साहित्य है। श्रीमद्भागवत को श्रद्धापूर्वक सुनने, पाठ करने और वितरण करने से संसार पवित्र हो जाएगा और अन्य निम्न साहित्य लुप्त हो जाएँगे।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥