Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.11.37: नभस (श्रावण) महीने पर इंद्र सूर्य देवता के रूप में, विश्वासु गंधर्व के रूप में, श्रोता यक्ष के रूप में, एलापत्र नाग के रूप में, अंगिरा मुनि के रूप में, प्रम्लोचा अप्सरा के रूप में और वर्य राक्षस के रूप में शासन करते हैं। | bhagavat अध्याय 12.11: महापुरुष का संक्षिप्त वर्णन । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नभस (श्रावण) महीने पर इंद्र सूर्य देवता के रूप में, विश्वासु गंधर्व के रूप में, श्रोता यक्ष के रूप में, एलापत्र नाग के रूप में, अंगिरा मुनि के रूप में, प्रम्लोचा अप्सरा के रूप में और वर्य राक्षस के रूप में शासन करते हैं।
In the month of Nabhas (Shravan), Indra rules in the form of Sun God, Vishwasu Gandharva, Shrota Yaksha, Elapatra Naga, Angira Muni, Pramlocha Apsara and Varya Rakshasa.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥