Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 12.11.11-12: उनकी फूलों की माला उनकी भौतिक माया है, जिसमें प्रकृति के गुणों का विविध मिश्रण है। उनका पीला वस्त्र वैदिक छंद हैं और उनका जनेऊ तीन ध्वनियों वाला ॐ अक्षर है। अपने दो मकर के आकार के झुमके के रूप में भगवान सांख्य और योग की विधियों को धारण करते हैं, और उनका मुकुट, जो सभी दुनिया के निवासियों को निर्भयता प्रदान करता है, ब्रह्मलोक का सर्वोच्च पद है।   |   bhagavat अध्याय 12.11: महापुरुष का संक्षिप्त वर्णन   ।   bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 11: महापुरुष का संक्षिप्त वर्णन  »  श्लोक 11-12
 
 
श्लोक  12.11.11-12 
स्वमायां वनमालाख्यां नानागुणमयीं दधत् ।
वासश्छन्दोमयं पीतं ब्रह्मसूत्रं त्रिवृत् स्वरम् ॥ ११ ॥
बिभर्ति साङ्ख्यं योगं च देवो मकरकुण्डले ।
मौलिं पदं पारमेष्ठ्यं सर्वलोकाभयङ्करम् ॥ १२ ॥
 
 
अनुवाद
उनकी फूलों की माला उनकी भौतिक माया है, जिसमें प्रकृति के गुणों का विविध मिश्रण है। उनका पीला वस्त्र वैदिक छंद हैं और उनका जनेऊ तीन ध्वनियों वाला ॐ अक्षर है। अपने दो मकर के आकार के झुमके के रूप में भगवान सांख्य और योग की विधियों को धारण करते हैं, और उनका मुकुट, जो सभी दुनिया के निवासियों को निर्भयता प्रदान करता है, ब्रह्मलोक का सर्वोच्च पद है।
 
His garland of flowers is His material Maya, which is composed of various combinations of the qualities of nature. His yellow clothes are Vedic verses and His sacred thread is the three-sounding syllable 'Om'. In the form of His two makara-shaped earrings, the Lord holds the methods of Sankhya and Yoga. His crown, which provides protection to all the inhabitants of the world, is the highest position in Brahmaloka.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)