Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.11.10: श्रीहरि अपने सीने पर शुद्ध आत्मा का प्रतिनिधित्व करने वाली कौस्तुभ मणि को धारण करते हैं जो श्रीवत्स चिह्न है जो इस मणि के विस्तृत तेज का प्रत्यक्ष उदाहरण है। | bhagavat अध्याय 12.11: महापुरुष का संक्षिप्त वर्णन । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
श्रीहरि अपने सीने पर शुद्ध आत्मा का प्रतिनिधित्व करने वाली कौस्तुभ मणि को धारण करते हैं जो श्रीवत्स चिह्न है जो इस मणि के विस्तृत तेज का प्रत्यक्ष उदाहरण है।
The almighty unborn Lord wears on His chest the Kaustubha gem, representing the pure soul, and along with it the Srivatsa symbol, the manifest manifestation of the diffused effulgence of this gem.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥