Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.10.40: इस प्रकार मैंने तुमसे अत्यंत बुद्धिमान ऋषि मार्कण्डेय के कार्यों का, विशेषकर जिस तरह उन्होंने परमेश्वर की माया की अद्भुत शक्ति का अनुभव किया, वर्णन कर दिया। | bhagavat अध्याय 12.10: शिव तथा उमा द्वारा मार्कण्डेय ऋषि का गुणगान । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अनुवर्णितमेतत्ते मार्कण्डेयस्य धीमत: ।
अनुभूतं भगवतो मायावैभवमद्भुतम् ॥ ४० ॥
अनुवाद
इस प्रकार मैंने तुमसे अत्यंत बुद्धिमान ऋषि मार्कण्डेय के कार्यों का, विशेषकर जिस तरह उन्होंने परमेश्वर की माया की अद्भुत शक्ति का अनुभव किया, वर्णन कर दिया।
Thus have I described to you the activities of the extremely intelligent sage Mārkaṇḍeya, particularly the way in which he experienced the wonderful power of the Lord's illusory power.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥