Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.10.25: अधम से अधम पापी और जात-पात के बंधन में जकड़े लोग भी तुम्हारे जैसी शख्सियतों के बारे में सुनकर या उन्हें देखकर पवित्र हो जाते हैं। ज़रा कल्पना करो कि सीधे तुमसे बात करके वो कितने पवित्र हो जाएँगे? | bhagavat अध्याय 12.10: शिव तथा उमा द्वारा मार्कण्डेय ऋषि का गुणगान । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अधम से अधम पापी और जात-पात के बंधन में जकड़े लोग भी तुम्हारे जैसी शख्सियतों के बारे में सुनकर या उन्हें देखकर पवित्र हो जाते हैं। ज़रा कल्पना करो कि सीधे तुमसे बात करके वो कितने पवित्र हो जाएँगे?
Even the worst sinners and untouchables become pure by listening to or seeing men like you. Then just imagine how pure they become by talking to you directly?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥