Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 12.10.1: सूत गोस्वामी ने फरमाया : भगवान नारायण ने अपनी आश्चर्यजनक शक्ति का यह धन-दौलत का प्रदर्शन रचाया था। इसका अनुभव करके मार्कण्डेय ऋषि ने भगवान की शरण ली। | bhagavat अध्याय 12.10: शिव तथा उमा द्वारा मार्कण्डेय ऋषि का गुणगान । bhagavat स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सूत उवाच
स एवमनुभूयेदं नारायणविनिर्मितम् ।
वैभवं योगमायायास्तमेव शरणं ययौ ॥ १ ॥
अनुवाद
सूत गोस्वामी ने फरमाया : भगवान नारायण ने अपनी आश्चर्यजनक शक्ति का यह धन-दौलत का प्रदर्शन रचाया था। इसका अनुभव करके मार्कण्डेय ऋषि ने भगवान की शरण ली।
Suta Goswami said: Lord Narayana had planned this magnificent display of His enchanting power. After experiencing this, sage Markandeya surrendered to the Lord.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥