श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 1: कलियुग के पतित वंश  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  12.1.9 
स एकच्छत्रां पृथिवीमनुल्ल‍‌‌ङ्घितशासन: ।
शासिष्यति महापद्मो द्वितीय इव भार्गव: ॥ ९ ॥
 
 
अनुवाद
महापद्म के स्वामी, राजा नंद, पूरी पृथ्वी पर इस तरह शासन करेंगे मानो दूसरे परशुराम हो और उनकी सत्ता को कोई चुनौती नहीं दे सकेगा।
 
King Nanda, the possessor of Mahapadma, will rule the entire earth as if he were the second Parashurama and no one will be able to challenge his power.
तात्पर्य
इस अध्याय के आठवें छंद में उल्लेख किया गया था कि राजा नंद क्षत्रिय वंश के अवशेषों को नष्ट कर देंगे। इसलिए उनकी तुलना यहां भगवान परशुराम से की गई है, जिन्होंने पिछले युग में इक्कीस बार क्षत्रिय वर्ग का सर्वनाश किया था।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)