श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 12: पतनोन्मुख युग  »  अध्याय 1: कलियुग के पतित वंश  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  12.1.36 
सौराष्ट्रावन्त्याभीराश्च शूरा अर्बुदमालवा: ।
व्रात्या द्विजा भविष्यन्ति शूद्रप्राया जनाधिपा: ॥ ३६ ॥
 
 
अनुवाद
उस समय सौराष्ट्र, अवन्ती, आभीर, शूर, अर्बुद और मालव प्रान्तों के ब्राह्मण अपने सभी धार्मिक नियमों और परम्पराओं को भूल जाएँगे और इन स्थानों के राजा और शासक शूद्रों के समान ही हो जाएँगे।
 
In that period, the Brahmins of the provinces of Saurashtra, Avanti, Ahir, Shur, Arbuda and Malava will forget all their customs and rituals and the members of the royal dynasties of these places will be like the Shudras.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)