Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.9.8: इसके बाद, जैसे ही युवती ने चावल को कूटना जारी रखा, प्रत्येक कलाई पर दो-दो चूड़ियाँ टकराकर आवाज करने लगीं। इसलिए उसने प्रत्येक हाथ से एक-एक चूड़ी उतार ली, और जब हर कलाई पर एक-एक चूड़ी रह गई तो फिर कोई आवाज नहीं हुई। | bhagavat अध्याय 11.9: पूर्ण वैराग्य । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद, जैसे ही युवती ने चावल को कूटना जारी रखा, प्रत्येक कलाई पर दो-दो चूड़ियाँ टकराकर आवाज करने लगीं। इसलिए उसने प्रत्येक हाथ से एक-एक चूड़ी उतार ली, और जब हर कलाई पर एक-एक चूड़ी रह गई तो फिर कोई आवाज नहीं हुई।
Thereafter, as soon as the girl started pounding rice, the two bangles on each wrist started making noise. So she took off one bangle from each wrist and when only one bangle was left on each wrist, there was no noise.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥