Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.9.6: लड़की एकांत स्थान पर चली गयी, और अप्रत्याशित पुरुष आगंतुकों के भोजन की तैयारी के लिए सामग्री इकट्ठा करने लगी। जब वह चावल को कूट रही थी, तो उसकी बाजुओं पर पहनी शंख की चूड़ियाँ एक-दूसरे से टकराकर एक तेज आवाज़ कर रही थीं। | bhagavat अध्याय 11.9: पूर्ण वैराग्य । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
लड़की एकांत स्थान पर चली गयी, और अप्रत्याशित पुरुष आगंतुकों के भोजन की तैयारी के लिए सामग्री इकट्ठा करने लगी। जब वह चावल को कूट रही थी, तो उसकी बाजुओं पर पहनी शंख की चूड़ियाँ एक-दूसरे से टकराकर एक तेज आवाज़ कर रही थीं।
The girl went to a secluded spot and began preparing food for the unexpected guests. As she pounded the rice, the shell bangles on her wrists clattered loudly against each other.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥