Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
bhagavat 11.9.24: हे राजन, मैंने इन सभी आध्यात्मिक गुरुओं से बहुत ज्ञान प्राप्त किया है। अब मैं तुम्हें वह बताता हूँ जो मैंने स्वयं अपने शरीर से सीखा है। ध्यान से सुनो।   |   bhagavat अध्याय 11.9: पूर्ण वैराग्य   ।   bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास   ।   श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्रीमद् भागवतम  »  स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास  »  अध्याय 9: पूर्ण वैराग्य  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  11.9.24 
एवं गुरुभ्य एतेभ्य एषा मे शिक्षिता मति: ।
स्वात्मोपशिक्षितां बुद्धिं श‍ृणु मे वदत: प्रभो ॥ २४ ॥
 
 
अनुवाद
हे राजन, मैंने इन सभी आध्यात्मिक गुरुओं से बहुत ज्ञान प्राप्त किया है। अब मैं तुम्हें वह बताता हूँ जो मैंने स्वयं अपने शरीर से सीखा है। ध्यान से सुनो।
 
O King, I have acquired great knowledge from these spiritual masters. Now I will tell you what I have learned from my body; please listen to it carefully.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)