जो मनुष्य अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण नहीं रख पाता, वह परमेश्वर की माया से उत्पन्न स्त्री के रूप को देखकर तुरंत आकर्षित हो जाता है। असल में, जब एक स्त्री मोहक शब्द बोलती है, चंचलता से हंसती है और अपने शरीर को कामुकता से भरे तरीके से हिलाती है, तो मनुष्य का मन तुरंत मुग्ध हो जाता है और वह भौतिक अस्तित्व के अंधेरे में गिर जाता है, उसी तरह जैसे एक पतंगा आग के पागलपन में उसकी लपटों में तेजी से गिर जाता है।
A person who cannot control his senses, gets attracted to the form of a woman created by the illusion of God. In fact, when a woman speaks alluring words, smiles coquettishly and sways her body with lust, the mind of a man immediately gets enchanted and he falls into the darkness of existence in the same way as a moth, intoxicated by the madness of fire, falls rapidly into its flames.
तात्पर्य
इस संबंध में श्रील श्रीधर स्वामी बताते हैं कि जैसे दीपक की ज्योति से आकर्षित होकर तितली नष्ट हो जाती है, उसी प्रकार मधुमक्खी को फूलों की सुगंध से आकर्षित करके आसानी से नष्ट किया जा सकता है। इसके अलावा, शिकारी एक हाथी को एक बंदी मादा हाथी को छूने की भोग-विलास की उसकी कामना का शोषण करके, या उसके सींग की आवाज से उसे आकर्षित करके उसे मार सकते हैं; और एक मछली को काँटे पर चारा चखने की उसकी इच्छा से मारा जाता है। इस प्रकार, जो व्यक्ति भौतिक भ्रम से मुक्ति सीखना चाहता है, उसे इन पाँच असहाय प्राणियों को गुरु के रूप में स्वीकार करना चाहिए और आवश्यक सीखना चाहिए। निश्चित रूप से जो स्त्री के भ्रामक रूप का आनंद लेने के लिए वासनाग्रस्त है, वह जल्दी ही भौतिक भ्रम में दब जाएगा। पाँच प्रकार के घातक आकर्षण में से भौतिक इंद्रिय वस्तुओं को शामिल करते हुए रूप का पाठ इस श्लोक में चित्रित किया गया है।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥