इस पद से ऐसा प्रतीत होता है कि वेश्या पिंगला न केवल वेश्यावृत्ति के माध्यम से अपनी आजीविका कमा रही थी, बल्कि वास्तव में अनगिनत पुरुषों के साथ अपने अवैध संपर्क का आनंद ले रही थी। कांटाद असत: शब्द यह दर्शाते हैं कि वह सबसे साधारण और बेकार पुरुषों को "प्रेमियों" मानते हुए, बिना किसी भेदभाव के स्वतंत्र रूप से स्वयं को बेच रही थी। इसलिए वह कहती है, "मैं एक बड़ी मूर्ख थी।" बालिशा शब्द का अर्थ है "वह जिसकी बचकानी मानसिकता है, बिना सही और गलत का व्यावहारिक अनुभव के।"
