Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 bhagavat 11.8.29: हे राजन्, जैसे एक व्यक्ति जो आध्यात्मिक ज्ञान से रहित है, वह कभी भी अनेक भौतिक वस्तुओं पर अपना ग़लत स्वामित्व छोड़ना नहीं चाहता, उसी प्रकार वह व्यक्ति जिसमे वैराग्य की भावना नहीं जागी है, वह कभी भी भौतिक शरीर के बंधन को त्यागने के लिए तैयार नहीं होता। | bhagavat अध्याय 11.8: पिंगला की कथा । bhagavat स्कन्ध 11: सामान्य इतिहास । श्रीमद् भागवतम Srimad Bhagavatam | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
न ह्यङ्गाजातनिर्वेदो देहबन्धं जिहासति ।
यथा विज्ञानरहितो मनुजो ममतां नृप ॥ २९ ॥
अनुवाद
हे राजन्, जैसे एक व्यक्ति जो आध्यात्मिक ज्ञान से रहित है, वह कभी भी अनेक भौतिक वस्तुओं पर अपना ग़लत स्वामित्व छोड़ना नहीं चाहता, उसी प्रकार वह व्यक्ति जिसमे वैराग्य की भावना नहीं जागी है, वह कभी भी भौतिक शरीर के बंधन को त्यागने के लिए तैयार नहीं होता।
O King, just as a person devoid of spiritual knowledge is never willing to give up his false ownership of many material objects, so a person who has not developed detachment is never ready to give up the bondage of the material body.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥